Thursday, July 19, 2012

List of Indian state and Capital

Indian State and Capital

Sate - Capital
1. Andhra Pradesh - Hyderabad
2. Arunachal Pradesh - Itangar
3. Assam - dispur
4. Bihar - Patna
5. Chhattisgarh - Raipur
6. Goa - Panaji
7. Gujarat - Gandhi Nagar
8. Haryana - Chandigarh
9. Himachal Pradesh - Shimla
10 . Jammu and Kashmir - Jammu
11. Jharkhand - Ranchi
12. Karnataka - Bangalore
13. Kerala - Thiruvananthapuram
14. Madhya pradesh - Bhopal
15. Maharashtra - Mumbai
16. Manipur - Imphal
17. Megalaya - Shillong
18. Mizoram - Aizawl
19. Nagaland - Kohima
20. Orissa - Bhubaneswar
21. Punjab - Chandigarh
22. Rajashthan - Jaipur
23. Sikkim - Gangtok
24. Tamil Nadu - Chennai
25. Tripura - Agar tala
26. Uttar Pradesh - Lucknow
27. Uttarakhand - Dehradhun
28. West Bengal - Kolkata.

Monday, July 16, 2012

List of Indian state and Capital

1. Andhra Pradesh - Hyderabad
2. Arunachal Pradesh - Itangar
3. Assam - dispur
4. Bihar - Patna
5. Chhattisgarh - Raipur
6. Goa - Panaji
7. Gujarat - Gandhi Nagar
8. Haryana - Chandigarh
9. Himachal Pradesh - Shimla
10 . Jammu and Kashmir - Jammu
11. Jharkhand - Ranchi
12. Karnataka - Bangalore
13. Kerala - Thiruvananthapuram
14. Madhya pradesh - Bhopal
15. Maharashtra - Mumbai
16. Manipur - Imphal
17. Megalaya - Shillong
18. Mizoram - Aizawl
19. Nagaland - Kohima
20. Orissa - Bhubaneswar
21. Punjab - Chandigarh
22. Rajashthan - Jaipur
23. Sikkim - Gangtok
24. Tamil Nadu - Chennai
25. Tripura - Agar tala
26. Uttar Pradesh - Lucknow
27. Uttarakhand - Dehradhun
28. West Bengal - Kolkata.

List of state and union territory capitals in India

Capitals of Indian States.

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक(चिन्ह)

भारत का राष्ट्रीय पशु – टाइगर
बाघ भारत के वन्य जीवन के धन का प्रतीक है।

भारत का राष्ट्रीय पक्षी – मयूर
मयूर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है यह सौंदर्य अनुग्रह जैसे गुणों का प्रतीक है।

भारत का राष्ट्रीय जलचर – गंगा डॉल्फिन
गंगा डॉल्फिन पवित्र के रूप में गंगा की पवित्रता का प्रतिनिधित्व करने के लिए कहा जाता है। क्योकि यह शुद्ध और ताजा पानी में ही जीवित रह सकते हैं।

भारत का राष्ट्रीय फल – आम
आम राष्ट्रीय फल है। और अत्यंत ही मीठा होता है। आम की अति प्राचीन काल से भारत में खेती की जाती है। इसकी 100 से अधिक किस्में हैं।
  
भारत का राष्ट्रीय पुष्प – कमल
वैज्ञानिक तौर पर Nelumbo Nucifera के रूप में जाना जाता है। कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है और यह एक पवित्र फूल है। धन ज्ञान और आत्मज्ञान भूल का प्रतीक है। यह कीचड़ में खिलकर भी स्वच्छ होता है। जो दिल और मन की पवित्रता का प्रतीक है।

भारत का राष्ट्रीय पेड़ – बरगद
भारत का राष्ट्रीय पेड़ बरगद है। यह एक विशाल पेड़ है। जो अपने आस पास के वृक्ष और राहगीर को छाया प्रधान करता और हिन्दुओ में इसे पूजा जाता है।

भारत के राष्ट्र पिता – महात्मा गांधी
सबसे पहले सुभाष चंद्र बोस द्वारा “राष्ट्र के पिता” के रूप में 4 जून १,९४४ में रंगून से आजाद हिंद रेडियो पर संबोधित किये गए बाद में भारत सरकार द्वारा मान्यता दी गई।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज  – तिरंगा
राष्ट्रीय ध्वज क्षैतिज तिरंगा शीर्ष पर  गहरा भगवा (केसरी) और नीचे गहरे हरे रंग  होता है। मध्य में सफेद  जिसपर अशोक चक्र होता है। इसके इसकी लम्बाई चौडाई का अनुपात ३:२ होता है।

भारत का राष्ट्रीय खेल – हॉकी
हॉकी में भारत का आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक के साथ एक प्रभावशाली रिकॉर्ड है। आधिकारिक तौर पर हॉकी राष्ट्रीय खेल है।

भारत का राष्ट्रीय गान – जन – गण – म..
जन – गण – मन गीत मूल रूप से बंगाली में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित है। इसके हिन्दी संस्करण को  राष्ट्रीय गान के तौर पर अपनाया गया है।

राष्ट्रीय कैलेंडर – शक संवत
राष्ट्रीय कैलेंडर शक युग चैत्र के साथ अपनी पहली महीने के रूप में और 365 दिनों की एक सामान्य वर्ष के आधार पर 22 मार्च 1957 से अपनाया गया यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ में प्रयोग किया जाता है।

 भारत का राष्ट्रीय गीत – वंदे मातरम्
गीत वंदे मातरम् बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत एवं बंगला में 1882 में रचित प्रेरणा किया जो के स्रोत है।  इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी गीत के पहले दो छंद को भारत गणराज्य के राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक दर्जा दिया गया जो संस्कृत में है।

 भारत के राष्ट्रीय प्रतीक
भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ में अशोक के बौद्ध शेर राजधानी (अशोक स्तम्भ का उपरी) है।  इसमें चार एशियाई शेर एक दूसरे के विपरीत दिशा में चारो दिशाओ की सुरक्षात्मक मुद्रा में है। सारनाथ भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में बनारस के पास है। भारत के प्रतीक के नीचे आदर्श वाक्य देवनागरी स्क्रिप्ट में “सत्यमेव जयते” उदित हैं – जिसका मतलब “सत्य की सदा ही जीत होती है”

भारतीय राष्ट्रीय नदी – गंगा नदी
गंगा भारत की सबसे लंबी नदी है। गंगा नदी पृथ्वी पर सबसे पवित्र नदी के रूप में हिंदुओं द्वारा प्रतिष्ठित है। किसी और नदी के मुकाबले दुनिया में सबसे भारी आबादी गंगा नदी के पास बसी है।

भारत की राज भाषा – हिंदी
हिंदी भारत देश की राज भाषा है। और विश्व में दूसरे नंबर की सब से ज्यादा लोगो  बोली जाने वाली भाषा है।

Monday, October 24, 2011

Friday, August 12, 2011

बैसी यानी देव अवतरण की अलौकिक गाथा


ढोल की गर्जना, नगाड़ों की अंतर्मन को झंकृत करती टंकार। धूणी (एक किस्म का अग्निकुंड) के चारों तरफ दुलैंच यानी विशेष गद्दी में बैठे तपस्वियों के शरीर पर आ ान के साथ लोक देवताओं का अवतरण। यही है कौतुहल से भरी देवभूमि की पारंपरिक व धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ी बैसी, जो देव अवतरण की अलौकिक गाथा और उत्तराखंडी सांस्कृतिक विरासत को खुद में समेटे है। दरअसल, केदारखंड व मानसखंड के लोक देवताओं के आ ान की पौराणिक परंपरा बैसी का आयोजन श्रावण मास में ही होता है। चूंकि देवभूमि के समस्त लोक देवता मसलन, न्याय देवता गोलज्यू महाराज, गंगनाथ, शैम आदि का निवास स्थान हिमालय माना जाता है, लिहाजा साझ की गोधुली बेला पर दास व डंगरिए (देवदूतों के रूप) ढोल व नगाड़ों की मिश्रित गर्जना व टंकार की झंकृत करने वाली धुन के बीच वीर गाथा के जरिए आ ान करते हैं। खास प्रांगण पर चारों तरफ लोक देवताओं के अवतरण को दुलैंच यानी विशेष गद्दी बिछी होती है। इसमें अक्षत, पुष्प एवं भेंट रखी जाती है। वीर रस की हुंकार जब चरम पर पहुंचती है तो देवों का अवतरण दुलैंच पर बैठे तपस्वियों के शरीर पर होने लगता है। खास बात है, दास व डंगरिए इस बीच लोक देवताओं के शौर्य, पराक्रम, अन्याय के खिलाफ जंग, कठिन परिश्रम आदि का बखान करते हैं। देवअवतरण पूर्ण होने पर फिर दौर शुरू होता दीन-दुखियों की फरियाद सुनने का। आसमान को छूती लपटों वाली धुणी में तप कर लाल हुआ चिमटे को लोक देवता का अवतारी चाट कर या शरीर पर पीट शांत करता है। यह सब हैरतअंगेज होता है। अंगारों पर चलना और उन्हें निगल जाना तो और भी भयंकर। मगर इससे अवतारी को तनिक भी क्षति नहीं पहुंचती। 22 दिन की घोर तपस्या यानी बैसी के अंतिम दिन लोक देवताओं को पुन: हिमालय के लिए रवाना किया जाता है।
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