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Saturday, December 11, 2010

जिंदगी

जिंदगी
जिंदगी नाम है जीने का,
जिंदगी को जीने का |
जिंदगी जीने के सबकें अपने अपने है तरीके,
कोई जीते है रो रो के, कोई जीते है हंस हंस के ||

कभी ना रुकने वाली जिंदगी | चलने रहने वाली जिंदगी ||

जिंदगी की इस दौङ मॅ, देखो दौङ मरहे है सभी |
दौडता कोई तेज है, सुस्त है किसी की चाल,
देख देख के फिर भी, दौडते रहते है सभी ||

कभी कभी जिंदगी मै भूचाल जाता है, इंसान जिंदगी देते तो नही पर जिंदगी ले लेते है |
जिंदगी लेना ही जिंदगी का काम तो नही, आख़िर सभी जिंदगी इंसान तो ही है ||

कभी जिंदगी की दौड मै, हम दौड़ते चले जाते है,
देखने की भी फुर्सत नही, इस दौड मै हम क्या खो रहे है |
तभी कवि अभिषेक कहते है की, हम सभी केवल जिंदगी जी रहे है |
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Mahendra Mahara Uttarakhandi
Ranikhet